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लेखनी कहानी -05-Sep-2022

                 विषय:-   शिक्षक 


  बचपन से लेकर बडे होने तक ,
सीखा हमने तब से लेकर अब तक ।
हर सीख मे किसी न किसी का सहारा था ,
तू बड आगे ये  उन्ही का आशरा था ।।

  न रोक तू अपने नन्हे कदम,
 एक दिन मिसाइल मैन बनेगा।
मै न बन सका तो क्या हुआ ,
मेरा शिष्य तो तू है तू जरूर बनेगा ।।

मंजिल तो देखा है मैने ,
मार्ग आप बताइएगा ,
जिंदगी की इस नाव को ,
पार आप लगाइएगा ।।

पैसो से सबकुछ खरीदो
  ज्ञान तो अनमोल है
गुरू ही है जो इस ज्ञान का 
न ही लेता कोई मोल है।

      हर हार मे भी जीत नजर आता है
जब टीचर कहते है कि,
    तुम कर सकते हो और ये तुमसे ही होगा ।।

हर शिक्षक को मेरा सत् सत् प्रणाम 
 छू कर उनके चरणो को करते है 
      हम सब नमस्कार ।।

   शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐ ।।🌷🌷

             ~~   रबिना विश्वकर्मा🖎🖎

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4 Comments

बेहतरीन लाजवाब,,,, बढ़,,,, बताइएगा,,,, लगाइएगा,,, सही कर दें

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Raziya bano

05-Sep-2022 08:19 PM

बहुत खूब

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Achha likha hai 💐

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